BAIL/9396/2026 of ADIL Vs STATE OF U.P.
HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD
CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 9396 of 2026
Court No. - 65
HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. सूची पुन रीिWत व तăमान दा िĔडक Šकीणă जमानत Šाथăना प ś, आवेदक आ िदल की ओर से
मु०अ०सं०-110/2025 धारा-69 बी.एô.एस. थाना- ĥवɴप नगर, िजला कानपुर नगर मȅ जमानत
पर मुǘ करने हेतु Šĥतुत िकया गया है।
2. आवेदक क े िवDZान अिधवǘा एवं िवDZान अपर शासकीय अिधवǘा को सुना तथा प śावली का
पिरशीलन िकया।
3. आवेदक क े िवDZान अिधवǘा ने त क ă Šĥतुत िकया िक आवेदक को इस Šकरण मȅ गलत एवं
फजȃ ढंग से झूठा फ ं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहȂ िकया है। Šथम सूचना िरपोटă
िवलĞब से दजă करायी गयी िवलĞब का कोई ĥपǸीकरण नहȂ िदया गया। उǘ घटना का कोई
ĥवतंś साWी नही है। आवेदक क े िवDZान अिधवǘा का कथन है िक पीिíता DZारा एफआईआर
मȅ और साथ ही धारा 180 और 183 बी.एन.एस.एस. क े बया नȋ मȅ पीिíता ने आवेदक क े
िखलाफ आरोप लगाया है िक वह उसक े साथ शादी क े बहाने कई बार यौन संबंध ĥथािपत
िकए, उसक े बाद भी उसने उससे शादी न हȂ की और बराबर शादी से इनकार करता रहा।
उęहȋने आगे यह भी कथन िकया िक पीिíता एक िवधवा, तीन बċचȋ की मां है जो िक पूणăतः
एक वयĥक मिहला है। पीिडता DZारा अंतगăत धारा 183 बी.एन.एस.एस. क े बयान मȅ यह ĥपǸ
कथन िकया गया है िक वह आवेदक क े साथ िलव इन िरलेशनिशप मȅ रह रही थी। पीिíता क े
उǘ बयानȋ क े अवलोकन से ऐसा Šतीत होता है िक पीिíता, आवेदक क े साथ संबंध मȅ थी
और उनक े बीच जो भी यौन संबंध िवकिसत ɷए थे, वे सहम ित से थे, इस Šकार, बी.एन.एस.
की धारा 69 का आरोप आवेदक पर न हȂ बनता है। Ćयȋिक दो साल की लंबी अविध से संबंध
मȅ थे और इस संबंध मȅ पीिíता DZारा कोई पूवă िशकायत नहȂ की गई है, इस िलए, ऐसा Šतीत
होता है िक आवेदक को झूठे और तु ċछ आरोपȋ और ɭभाăवनापूणă इरादे से मामले मȅ फ ं साया
गया है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आ Ƕासन िदया गया है िक वह कानून
की ŠिŌया मȅ सहयोग करने क े िलए तैयार है और जब भी आव ģयकता होगी वह ईमानदा री से
अदालत क े सम W खुद को उपल Ĝध कराएगा और उन सभी श तȋ को ĥवीकार करने क े िलए भी
Versus
Counsel for Applicant(s) : Ravi Sahu
Counsel for Opposite Party(s) : G.A.
Adil
.....Applicant(s)
State of U.P.
.....Opposite
Party(s)
तैयार है जो ęयायालय उस पर अ िधरोिपत करेगी। आवेदक िनदȌष है तथा वह इस Šकरण मȅ िद०
23.10.2025 से कारागार मȅ िनɳǪ है इसिलए आवेदक को जमानत पर छोí िदया जाय।
4. िवDZान अपर शास कीय अिधवǘा ने आवेदक क े िवDZान अिधवǘा क े त कȌ का Šबल िवरोध
करते ɷए तक ă Šĥतुत िकया िक आवेदक DZारा कािरत अपराध सं Xेय एवं गं Ğभीर Šक ृित का है ,
इसिलए आवेदक को जमानत पर न छोíा जाये।
5. आवेदक क े िवDZान अिधवǘा क े त कȍ क े प िरŠेĨय Šģनगत Šकरण मȅ पśावली पर उपल Ĝध
सारवान तĖयȋ एवं पिरिĥथितयȋ का समŎ ɴप से अवलोकन करने क े बाद , सबूतȋ की Šक ृित और
िकसी भी ठोस िवरोधाĕमक सामŎी की अनुपिĥथित एवं उपलĜध सामŎी से छेíछाí की संभावना
न होने क े त Ėय को देखते ɷए मेरी राय मȅ आवेदक को जमानत पर मु ǘ करने का उपयु ǘ आधार
है।
6. अतः वाद क े गुण दोष पर िबना कोई िटĚपणी िकए ɷए आवेदक को उपरोǘ विणत अपराध मȅ
संबंिधत ęयायालय की सęतुिǸ पर Dzिǘगत बंध-पś एवं अ िधक धनरािश क े दो ĥथानीय Šितभू
Šĥतुत करने पर िनĞनिलिखत शतȍ क े साथ जमानत पर छोí िदया जाय।
आवेदक िववेचना या परीWण क े दौरान अिभयोजन साĨयȋ क े साथ छेíछाí नहȂ करेगा।1.
आवेदक अिभयोजन सािWयȋ व पीिíता/ िशकायतकताă को डरायेगा/धमकायेगा नहȂ।2.
आवेदक ęयायालय क े आदे शȋ का पालन करेगा , वह प रीWण क े दौरान िबना कोई
अनावģयक ĥथगन िलए िनयत ितिथ पर ęयायालय मȅ उप िĥथत होगा तथा प रीWण मȅ
ईमानदारी से सहयोग करेगा।
3.
आवेदक जमानत पर िरहा होने क े बाद जमानत की ĥवतंśता का ɭɴपयोग नही करेगा और
िकसी भी अपरािधक गितिविध मȅ िलĚत नहȂ होगा न कोई अपरािधक क ृĕय करेगा।
4.
आवेदक ŠĕयW या अŠĕयW ɴप से मामले क े तĖयȋ से पिरिचत िकसी भी Dzिǘ या पुिलस
अिधकािरयȋ को कोई Šलोभन या धमकी नहȂ देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसक े
कारण उęहȅ ęयायालय मȅ तĖयȋ को उजागर करने से िवरत रहना पडे़।
5.
उपरोǘ श तȍ मȅ से िकसी क े उ ġलंघन क े मामले मȅ, परीWण ęयायालय आवेदक की जमानत
िनयमानुसार रǩ करने को ĥवतंś है।
March 19, 2026
S.Mishra
BAIL No. 9396 of 2026
2
(Dr. Gautam Chowdhary,J.)
Digitally signed by :-
SHASHI MISHRA
High Court of Judicature at Allahabad